Table of Contents
TogglePython की शुरुआत 1980 के आखिरी दशक और 1990 के शुरुआती दिनों में गुइडो वैन रोसम (जो एक डच प्रोग्रामर हैं) ने की थी। यह भाषा नीदरलैंड्स के नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर मैथमैटिक्स एंड कंप्यूटर साइंस में विकसित की गई थी। गुइडो का उद्देश्य एक ऐसी हाई-लेवल भाषा बनाना था जो न सिर्फ पावरफुल हो, बल्कि पढ़ने और इस्तेमाल करने में भी आसान हो।
Python कई अन्य भाषाओं से प्रेरित है, जिनमें ABC, Modula-3, C, C++, Algol-68, SmallTalk, और Unix Shell जैसी स्क्रिप्टिंग भाषाएँ शामिल हैं। Python का सिंटैक्स इस तरह से डिज़ाइन किया गया था कि यह समझने में आसान हो, ताकि नए प्रोग्रामर भी इसे जल्दी से सीख सकें और उन्नत प्रोग्रामर इसे जटिल समस्याओं को हल करने के लिए उपयोग कर सकें।
हालाँकि Python का नाम सुनकर कुछ लोग इसे साँप की एक प्रजाति से जोड़ते हैं, लेकिन गुइडो वैन रोसम ने इसका नाम BBC की कॉमेडी सीरीज “Monty Python’s Flying Circus” से लिया था। रोसम इस सीरीज के बड़े फैन थे और उन्होंने इस मज़ेदार नाम को अपनी भाषा के लिए चुना।
Python का सोर्स कोड भी कॉपीराइटेड है, लेकिन यह GNU जनरल पब्लिक लाइसेंस (GPL) के तहत मुफ्त में उपलब्ध है, ठीक वैसे ही जैसे Perl। इसका मतलब यह है कि कोई भी Python को डाउनलोड कर सकता है, उसमें बदलाव कर सकता है और इसे अपनी ज़रूरतों के अनुसार इस्तेमाल कर सकता है।
Python के प्रमुख आर्किटेक्ट और BDFL
गुइडो वैन रोसम को Python के प्रमुख आर्किटेक्ट के रूप में जाना जाता है, और Python कम्युनिटी ने उन्हें BDFL (Benevolent Dictator for Life) की उपाधि दी थी। इसका मतलब है कि वे लंबे समय तक Python के विकास में सबसे महत्वपूर्ण फैसले लेते थे। हालाँकि, 2018 में रोसम ने यह पद छोड़ दिया और अब Python के विकास और इसके आधिकारिक रेफरेंस इम्प्लीमेंटेशन का कार्य Python Software Foundation द्वारा किया जा रहा है, जो एक गैर-लाभकारी संगठन है।
Python का यह विकास सफर इसे न सिर्फ प्रोग्रामिंग भाषाओं में सबसे लोकप्रिय बनाता है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे एक सरल और पावरफुल भाषा ने पूरी दुनिया के प्रोग्रामिंग परिदृश्य को बदल दिया। अब Python हर क्षेत्र, जैसे मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, वेब डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक अहम भूमिका निभा रही है।
Python का आविष्कार गुइडो वैन रोसम (Guido Van Rossum) ने किया, जो नीदरलैंड्स के एक डच प्रोग्रामर हैं। उन्होंने 1980 के आखिर में Python पर काम करना शुरू किया और दिसंबर 1989 में इसे एक शौक के रूप में डेवलप करना शुरू किया। उस समय वे नीदरलैंड्स के Centrum Wiskunde & Informatica (CWI) में काम कर रहे थे। Python का पहला संस्करण 0.9.0 फरवरी 1991 में रिलीज़ किया गया था।
Python के इतिहास में कुछ महत्वपूर्ण चरण इस प्रकार हैं:
1. Python 0.9.0 (1991)
Python का पहला संस्करण 0.9.0 फरवरी 1991 में रिलीज़ हुआ। इस संस्करण में क्लासेस, इनहेरिटेंस, एक्सेप्शन हैंडलिंग, और लिस्ट्स और डिक्शनरी जैसे कोर डेटा टाइप्स शामिल थे।
2. Python 1.0 (1994)
जनवरी 1994 में Python का पहला बड़ा संस्करण 1.0 रिलीज़ किया गया। इस संस्करण में फंक्शनल प्रोग्रामिंग टूल्स, कम्प्लेक्स नंबर सपोर्ट, और मॉड्यूल सिस्टम जैसे फीचर्स शामिल थे, जो कोड ऑर्गनाइजेशन और रीयूज़ को बेहतर बनाते थे।
3. Python 2.0 (2000)
अक्टूबर 2000 में Python 2.0 रिलीज़ किया गया। इस संस्करण में कई नई चीज़ें जोड़ी गईं जैसे लिस्ट कंप्रीहेंशन, गार्बेज कलेक्शन, और यूनिकोड सपोर्ट। 2000 के दशक में Python 2.x इंडस्ट्री में वेब डेवलपमेंट से लेकर साइंटिफिक रिसर्च तक के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली भाषा बन गई। इस दौर में NumPy, SciPy, और Django जैसी लोकप्रिय लाइब्रेरीज़ का विकास हुआ।
4. Python 3.0 (2008)
Python 3.0, जो Python का एक पूरी तरह से नया वर्ज़न था, दिसंबर 2008 में रिलीज़ किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य Python 2.x की विभिन्न कमियों को दूर करना था। Python 3 ने नए सिंटैक्स, बेहतर यूनिकोड सपोर्ट, और बेहतर इंटीजर डिवीजन जैसी सुविधाएं जोड़ीं। पुराने Python 2 को नए Python 3 में ट्रांसलेट करने के लिए python2to3 नामक एक यूटिलिटी भी जोड़ी गई।
Python 2.x का अंत
Python 3 के रिलीज़ होने के बाद भी, Python Software Foundation ने 2019 तक Python 2.x की सपोर्ट जारी रखी, और इसके माइक्रो वर्ज़न आते रहे। हालाँकि, 2020 के अंत तक, Python 2.x की सपोर्ट बंद कर दी गई और Python 2.7.17 इसका आखिरी वर्ज़न था।
Python 3.x शाखा में निरंतर नए फीचर्स जोड़े जा रहे हैं। वर्तमान में, Python 3.11.2 स्थिर वर्ज़न है, जो फरवरी 2023 में रिलीज़ किया गया था।
Python 3.11 की खास बातें
Python 3.11 के सबसे महत्वपूर्ण फीचर्स में से एक इसकी स्पीड में सुधार है। Python की आधिकारिक डोक्यूमेंटेशन के अनुसार, यह संस्करण पिछले वर्ज़न (3.10) से 60% तक तेज़ है। स्टैंडर्ड बेंचमार्क सूट से पता चलता है कि इसके एक्सीक्यूशन में 25% की गति बढ़ी है।
बेहतर एक्सेप्शन मैसेजिंग: अब जब कोई एरर होती है, तो लंबा ट्रेसबैक दिखाने के बजाय, यह सीधे उस एक्सप्रेशन को दिखाता है जिससे एरर हो रही है।
नई cbroot() फंक्शन: Python के math मॉड्यूल में cbroot() नामक नई फंक्शन जोड़ी गई है, जो किसी भी संख्या का क्यूब रूट निकालती है।
tomllib मॉड्यूल: अब Python में TOML (Tom’s Obvious Minimal Language) फाइलों को पार्स करने के लिए tomllib मॉड्यूल जोड़ा गया है।
Python 3.11 से Python की परफॉर्मेंस और उपयोगिता दोनों ही बेहतर हो गई हैं, जिससे यह भाषा और भी मज़बूत और पॉपुलर हो रही है।
यह संस्करण Python प्रोग्रामर्स को आधुनिक दुनिया की ज़रूरतों के अनुसार अधिक तेज़ और विश्वसनीय समाधान बनाने में मदद करेगा।
Python के इतिहास से जुड़े प्रश्न और उत्तर
प्रश्न 1: Python किसने बनाई?
उत्तर: Python का आविष्कार गुइडो वैन रोसम (Guido Van Rossum) नामक एक डच प्रोग्रामर ने किया था।
प्रश्न 2: Python को Python क्यों कहा गया?
उत्तर: Python का नाम किसी सांप से संबंधित नहीं है। यह नाम ब्रिटिश कॉमेडी ग्रुप Monty Python के नाम से प्रेरित है।
प्रश्न 3: Python का पहला संस्करण कब रिलीज़ हुआ?
उत्तर: Python का पहला संस्करण फरवरी 1991 में रिलीज़ हुआ था।
प्रश्न 4: Python का पहला संस्करण कौन सा था?
उत्तर: Python का पहला संस्करण Python 0.9.0 था।
प्रश्न 5: Python का 3.0 संस्करण कब रिलीज़ हुआ?
उत्तर: Python 3.0 संस्करण दिसंबर 2008 में रिलीज़ हुआ था।
Python एक फीचर-रिच, उच्च-स्तरीय, इंटरप्रेटेड, इंटरएक्टिव, और ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड स्क्रिप्टिंग भाषा है। Python की पढ़ने और समझने में सरलता, उपयोगिता, और इसका विस्तृत लाइब्रेरी समर्थन इसे बेहद लोकप्रिय और बहुमुखी बनाता है। इस ट्यूटोरियल में, हम Python की उन विभिन्न विशेषताओं के बारे में जानेंगे जो इसे एक शक्तिशाली और बहुपयोगी प्रोग्रामिंग भाषा बनाती हैं।
Python की प्रमुख विशेषताएँ
1. सीखने में आसान (Easy to Learn)
Python की सिंटैक्स सरल और स्पष्ट है, जो इसे शुरुआती प्रोग्रामर्स के लिए भी सीखने में आसान बनाती है।
2. डायनामिक टाइपिंग (Dynamically Typed)
Python में आपको डेटा टाइप को पहले से डिफाइन करने की ज़रूरत नहीं होती, क्योंकि Python रनटाइम पर टाइप का निर्धारण कर लेती है।
3. इंटरप्रेटर आधारित (Interpreter Based)
Python कोड सीधे इंटरप्रेटर के माध्यम से चलता है, जिससे इसे कंपाइल करने की आवश्यकता नहीं होती। यह डिबगिंग और डेवलपमेंट को तेज बनाता है।
4. इंटरएक्टिव (Interactive)
Python के इंटरप्रेटर के साथ आप इंटरएक्टिव मोड में काम कर सकते हैं, जहाँ आप तुरंत कमांड लिख सकते हैं और परिणाम देख सकते हैं।
5. मल्टी-पैरेडाइम (Multi-paradigm)
Python में प्रोसिजरल, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड और फंक्शनल प्रोग्रामिंग स्टाइल का समर्थन है, जिससे यह एक फ्लेक्सिबल भाषा बनती है।
6. स्टैंडर्ड लाइब्रेरी (Standard Library)
Python के पास एक बड़ी और व्यापक स्टैंडर्ड लाइब्रेरी है, जो आपको बिना अतिरिक्त कोडिंग के कई काम करने की सुविधा देती है।
7. ओपन सोर्स और क्रॉस-प्लेटफॉर्म (Open Source and Cross-Platform)
Python एक ओपन-सोर्स भाषा है, और यह Linux, Windows, Mac OS जैसे विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम्स पर चल सकती है।
8. GUI एप्लिकेशन (GUI Applications)
Python में GUI एप्लिकेशन्स बनाने के लिए टूलकिट्स उपलब्ध हैं, जिससे आप डेस्कटॉप एप्लिकेशन्स आसानी से बना सकते हैं।
9. डेटाबेस कनेक्टिविटी (Database Connectivity)
Python कई प्रकार के डेटाबेस से जुड़ सकता है, जैसे MySQL, PostgreSQL, SQLite आदि, जिससे डेटा का प्रोसेसिंग और हैंडलिंग आसान होता है।
10. एक्सटेंसिबल (Extensible)
Python को अन्य भाषाओं जैसे C और C++ के साथ एक्सटेंड किया जा सकता है, जिससे आप कोडिंग का प्रदर्शन बढ़ा सकते हैं।
11. सक्रिय डेवलपर कम्युनिटी (Active Developer Community)
Python की एक बड़ी और सक्रिय डेवलपर कम्युनिटी है, जो निरंतर इसका विकास कर रही है और इसके लिए नए टूल्स और लाइब्रेरी प्रदान कर रही है।
Python की ये सभी विशेषताएँ इसे एक अत्यधिक लोकप्रिय और उपयोगी भाषा बनाती हैं, जो वेब डेवलपमेंट, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में इस्तेमाल की जाती है।
